राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का हंगामा, हिंसक हुआ प्रदर्शन, 1 व्यक्ति की मौत

देश के कई हिस्सों में सरकारी नौकरियों में बहाली को लेकर प्रदर्शन-हंगामा जारी है। राजस्थान के डूंगरपुर में शिक्षक भर्ती-2018 में टीएसपी क्षेत्र के अनारक्षित 1167 पदों को एसटी अभ्यर्थियों से भरने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। अब इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। डूंगरपुर-आसपुर मार्ग पर स्थिति बेकाबू होती जा रही है। रणसागर इलाके के पास उपद्रवियों ने तीन बाइक को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान हुई फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने आसपुर-डूंगरपुर मार्ग को ब्लॉक कर दिया है। हालातों को देखते हुए भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती की गई है। पुलिस ने कई इलाकों में मोर्चा संभाला हुआ है। बताया जा रहा है कि आसपुर रोड के बाद सागवाड़ा रोड को भी बंद कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर फिलहाल शांति है। वहीं मामले को सुलझाने के लिए सरकार हरकत में आ गई है। उदयपुर से 35 किलोमीटर दूर परसाद में टीएडी मंत्री अर्जुन बामणिया और अभ्यर्थियों के बीच बातचीत जारी है। बैठक के बाद सुलह होने की उम्मीद है। बैठक सीडब्ल्यूसी सदस्य रघुवीर मीणा के निवास पर बैठक हो रही है।

समाधान के लिए क्या कर रही है सरकार ?

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डूंगरपुर हिंसा मामले का समाधान निकालने के लिए टीएडी मंत्री अर्जुन बामणिया के साथ डूंगरपुर जिले के विधायकों से चर्चा की। बैठक में मंत्री और विधायकों को आंदोलनकारियों से संपर्क करके उन्हें बातचीत के लिए मनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।

आंदोलनकारियों से बातचीत करने को तैयार

बैठक के बाद टीएडी मंत्री ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों युवाओं से बातचीत करने को तैयार है। युवाओं को कुछ लोगों ने बहका दिया है। सरकार कानून के अनुसार उनकी मांगों का हल निकालने और बातचीत के लिए तैयार है। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि हिंसा किसी बात का समाधान नहीं है।