राज ठाकरे की बढ़ी मुश्किल, सांगली के जिला अदालत ने 14 साल पुराने मामले जारी किया गैर जमानती वारंट।

महाराष्‍ट्र में लाउडस्‍पीकर विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे द्वारा महा आरती करने के एलान और उनके द्वारा लिखे गए एक खुले पत्र के बाद इस मामले ने और तूल पकड़ लिया है। इस पत्र में राज ठाकरे ने लिखा है कि यदि बुधवार से किसी भी मस्जिद से लाउडस्‍पीकर की आवाज आई तो वो वहां पर हनुमान चालिसा का पाठ उसी तरह से करेंगे। इसको देखते हुए राज्‍य सरकार ने न सिर्फ धार्मिक स्‍थलों पर सुरक्षा व्‍यवस्‍था को चाक-चौबंद कर दिया है बल्कि राज ठाकरे के घर के बाहर भी सुरक्षा व्‍यवस्‍था को पुख्‍ता कर दिया है।

एएनआई के मुताबिक राज्‍य सरकार ने पुणे के कसबा पेठ स्थित पुनेश्‍वर हनुमान मंदिर के बाहर सुरक्षा व्‍यवस्‍था को बढ़ा दिया गया है। राज ठाकरे ने यहां पर महा आरती करने का एलान किया है। मुंबई के पुलिस कमिश्‍नर खुद सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्‍यवव्‍स्‍था का जायजा ले रहे है। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही महाराष्‍ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा था कि भाजपा ने हिंदुत्‍व के नाम पर उनके पिता बाल ठाकरे को ठगने का किया।

राज ठाकरे ने ट्विटर पर बाल ठाकरे के भाषण का एक वीडियो ट्वीट किया है। इसमें बाल ठाकरे को लाउडस्‍पीकर से अजान के बार में बोलते हुए सुना जा सकता है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही राज ठाकरे ने कहा था कि महाराष्‍ट्र के हिंदु हृदय सम्राट बाल ठाकरे ने इस मुद्दे को काफी समय पहले ही उठाते हुए हिंदुओं से इसके खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया था।



मंगलवार को किए एक अन्‍य ट्वीट में उन्‍होंने सभी हिंदुओं से अपील की है कि यदि महाराष्‍ट्र में कहीं भी 3 मई के बाद मस्जिद पर लाउडस्‍पीकर का उपयोग किया जाता है तो हिंदू वहां पर उसी तरह से हनुमान चालिसा का पाठ करें। अपने इस ट्वीट में उन्‍होंने एक खुला पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि कानून सभी के लिए एक समान होना चाहिए। ये नहीं होना चाहिए कि हिंदुओं के लिए कानून अलग होगा और मुस्लिमों के लिए कानून अलग होगा।



सांगली जिले की एक अदालत ने 14 साल पुराने मामले में राज ठाकरे के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ सकती है। औरंगाबाद के सिटी चौक पुलिस थाने में उनके खिलाफ आइपीसी एवं महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन पर दो समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करने का आरोप है।